डिजिटल युग मे बढ़ती आसान सुविधाओ के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं भी देखने को मिल रही है । पिछले कुछ समय से ATM ब्लॉक बताकर पिन पूछकर होने वाली धोखाधड़ी के बाद अब कुछ नए तरीके सामने आ रहे है ।
जिसमे मोबाइल के कुछ लुभावने ऑफर व फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के माध्यम से ठगा जाता है । पढ़िए एक रिपोर्ट :-
दरअसल लोगो के पास फर्जी कॉल सेंटर से लड़की का फोन आता है और वो खुद को मशहूर मोबाइल कम्पनी की प्रतिनिधि बताती है । इसके लिए वे पहले से ही अपने नम्बर को True caller ऍप पर मोबाइल कंपनी के नाम से सेव कर देते है । जिससे लोगो के पास जब फ़ोन आता है तो स्क्रीन पर नम्बर के साथ मोबाइल कंपनी का नाम भी आता है । उसके बाद वो फोन उठाने वाले को लकी उपभोक्ता बताकर कम्पनी के ऑफर के बारे में बताती है । जिसके तहत करीब 10 हजार के मूल्य का मोबाइल फ़ोन बहुत ही कम कीमत लगभग ढाई से तीन हजार रुपये में देने का लुभावना ऑफर देती है । जिसका भुगतान कोरियर या डाक की वीपीपी पार्सल लेने पर करना होता है ।
सामान्यतः छात्र ,मजदूर , निम्न व मध्य आय वर्गीय तथा कम जानकारी वाले भोले भाले लोग इनकी लुभावनी बातो में आकर उन्हें अपना डाक का पता नोट करा देते है । लगभग 8 या 10 दिन बाद डाक या कुरियर से पार्सल आने पर लोग उसका पेमेंट कर देते है । लेकिन जब पार्सल खोलते है तो उसमें मोबाइल की बजाय मूर्ति, अंगूठी , ताबीज, कागज, खिलोने आदि चीजे निकलती है।
तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास होता है । कई बार तो इस कारणवश लोग पोस्टमैन व कुरियर बॉय से झगड़ा कर लेते है । जिन नम्बरो से शुरू में फोन आया था उन नम्बरो पर वापस फोन या तो मिलता नही है या फिर वो उठाते नही है और अगर उठा भी ले तो बात तो टालमटोल करके फोन काट देते है ।
दरअसल लड़की की लुभावनी बाते, कम्पनी की प्रतिनिधि बताना, डाक या कुरियर से पार्सल लेकर भुगतान करना, लालच, कम जानकारी आदि कारणों से लोग ठगी का शिकार हो जाते है ।
हमारा दायित्व बनता है लोगो को इस तरह की ठगी से बचने हेतु जागरूक करे तथा इस तरह के ठगी वाले फोन को पूरी तरह से नकारे । तथा इस तरह की जानकारी सभी के साथ शेयर करे !
-::अमित गुप्ता::-
(लेखक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तथा आईटी एक्सपर्ट है )
दरअसल लोगो के पास फर्जी कॉल सेंटर से लड़की का फोन आता है और वो खुद को मशहूर मोबाइल कम्पनी की प्रतिनिधि बताती है । इसके लिए वे पहले से ही अपने नम्बर को True caller ऍप पर मोबाइल कंपनी के नाम से सेव कर देते है । जिससे लोगो के पास जब फ़ोन आता है तो स्क्रीन पर नम्बर के साथ मोबाइल कंपनी का नाम भी आता है । उसके बाद वो फोन उठाने वाले को लकी उपभोक्ता बताकर कम्पनी के ऑफर के बारे में बताती है । जिसके तहत करीब 10 हजार के मूल्य का मोबाइल फ़ोन बहुत ही कम कीमत लगभग ढाई से तीन हजार रुपये में देने का लुभावना ऑफर देती है । जिसका भुगतान कोरियर या डाक की वीपीपी पार्सल लेने पर करना होता है ।
सामान्यतः छात्र ,मजदूर , निम्न व मध्य आय वर्गीय तथा कम जानकारी वाले भोले भाले लोग इनकी लुभावनी बातो में आकर उन्हें अपना डाक का पता नोट करा देते है । लगभग 8 या 10 दिन बाद डाक या कुरियर से पार्सल आने पर लोग उसका पेमेंट कर देते है । लेकिन जब पार्सल खोलते है तो उसमें मोबाइल की बजाय मूर्ति, अंगूठी , ताबीज, कागज, खिलोने आदि चीजे निकलती है।
तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास होता है । कई बार तो इस कारणवश लोग पोस्टमैन व कुरियर बॉय से झगड़ा कर लेते है । जिन नम्बरो से शुरू में फोन आया था उन नम्बरो पर वापस फोन या तो मिलता नही है या फिर वो उठाते नही है और अगर उठा भी ले तो बात तो टालमटोल करके फोन काट देते है ।
दरअसल लड़की की लुभावनी बाते, कम्पनी की प्रतिनिधि बताना, डाक या कुरियर से पार्सल लेकर भुगतान करना, लालच, कम जानकारी आदि कारणों से लोग ठगी का शिकार हो जाते है ।
हमारा दायित्व बनता है लोगो को इस तरह की ठगी से बचने हेतु जागरूक करे तथा इस तरह के ठगी वाले फोन को पूरी तरह से नकारे । तथा इस तरह की जानकारी सभी के साथ शेयर करे !
-::अमित गुप्ता::-
(लेखक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तथा आईटी एक्सपर्ट है )

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